Friday, June 18, 2010

विदेश से लौटने पर

भीड़ है,
शोर है
और धूल-
जो वहां नहीं हैं।

शाल है,
कोट है
और गुनगुनी धुप -
जो वहां नहीं हैं।

सड़क किनारे बंधी भैंस,
गोबर के कंडे
और पेशाब के धब्बे -
जो वहां नहीं हैं।

समोसे हैं,
छोले
और गोल-गप्पे -
जो वहां नहीं हैं।

खटारा सड़क,
खटारा बस
और बेतरतीब ट्राफ्फिक-
जो वहां नहीं हैं।

जो वहां नहीं है, नहीं है।
जो यहाँ है, अपना है।

(फरवरी २०१०)

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