Saturday, April 12, 2014

स्वप्न नशा बन जाए

स्वप्न
नशा बन जाए
और भविष्य
पलायन;
अतीत का
फिर
दाह-संस्कार  कैसे होगा?

प्रेत मेरे जीवनसाथी होंगे।

(मई १९८३) 

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