Sunday, April 15, 2012

शायद

विपिन पारीख

मुझे मेवाड़ में मीरा मिली नहीं.
वृन्दावन में राधा मिली नहीं.
पर शायद
इसमे मेरा भी दोष हो.
मैंने मुंबई छोड़ी ही न हो.

***
जनसत्ता, १५ अप्रैल 2012

No comments:

Post a Comment